राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीराम जी सोपरा का संत नामदेव समाधि दिवस पर समाज के नाम संदेश व समाज से आह्वान

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Rajat Chipa (Jaipur) 02-08-2026 Regional

 जयपुर(अवधेश पाण्डे)|जय श्री विठ्ठल,जय श्री नामदेव।  पूज्य संत शिरोमणि श्री नामदेव जी महाराज के 676वें संजीवन समाधि दिवस के पावन अवसर पर आप सभी नामदेव संप्रदाय के अनुयायियों,वंशजों एवं समाजबंधुओं से एक आत्मीय और विनम्र आग्रह।

 सोमवार,10 अगस्त 2026 को हम सभी अपने आराध्य,समाज के गौरव एवं भक्ति आंदोलन के महान प्रवर्तक संत श्री नामदेव जी महाराज का 676वाँ संजीवन समाधि दिवस श्रद्धा,भक्ति और संगठनात्मक एकता के साथ मनाएँ।

यह तिथि महाराष्ट्र के पंढरपुर स्थित श्री नामदेव जी महाराज की पावन समाधि पर आयोजित होने वाले वार्षिक समारोह एवं महाराष्ट्र पंचांग के अनुसार निर्धारित की गई है।

आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता केवल श्रद्धांजलि देना नहीं,बल्कि एकजुट होकर श्रद्धांजलि देना है।यही हमारी सच्ची भक्ति होगी,यही हमारे आराध्य के प्रति सच्चा सम्मान होगा।

 अखिल भारतीय श्री नामदेव छीपा महासभा समिति पंजीकृत देश-विदेश में निवास करने वाले नामदेव संप्रदाय के सभी समाजों,सभी संगठनों,सभी पंचायतों,सभी गांवों,सभी परिवारों एवं सभी युवा,मातृशक्ति और वरिष्ठजनों से सादर आह्वान करती है कि —

जहाँ भी संभव हो,अपने नगर,गांव या क्षेत्र में किसी एक स्थान पर एकत्रित होकर इस दिवस को पूरे समाज के सामूहिक उत्सव के रूप में मनाएँ।

इस दिन हम यह अनुभव करें कि हम सब एक ही संत-परिवार के सदस्य हैं।हमारी पहचान अलग-अलग संस्थाओं या क्षेत्रों से पहले संत श्री नामदेव जी महाराज के परिवार की है। जब पूरा समाज एक स्थान पर एकत्र होकर अपने आराध्य को नमन करेगा,तभी हमारी एकता का संदेश आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचेगा।

 कार्यक्रम की रूपरेखा- 

श्री नामदेव जी महाराज की प्रतिमा अथवा चित्र स्थापित कर सामूहिक पुष्पांजलि अर्पित करें।

 दीप प्रज्वलित कर सामूहिक प्रार्थना एवं श्रद्धांजलि दें।

संत श्री नामदेव जी के जीवन,उनकी भक्ति,उनके आदर्शों तथा समाज के लिए उनके योगदान का संक्षिप्त परिचय दें।

उनके परिवार एवं उन महान परिजनों का स्मरण करें जिन्होंने उनके साथ संजीवन समाधि का वरण किया।

 श्री नामदेव जी के अभंग,भजन एवं कीर्तन का सामूहिक गायन करें।

सामूहिक आरती के साथ कार्यक्रम का समापन करें।

 प्रसाद वितरण अथवा सामूहिक भोजन-प्रसादी का आयोजन करें।

यदि संभव हो तो रक्तदान,निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण,वृक्षारोपण,गरीब एवं जरूरतमंदों की सहायता अथवा अन्य समाजसेवा के कार्यक्रम भी आयोजित करें।यही संत नामदेव जी की सेवा-भावना का वास्तविक अनुसरण होगा।

 एक विशेष आग्रह_

कृपया अपने कार्यक्रम के फोटो एवं संक्षिप्त विवरण समाज के विभिन्न समूहों में साझा करें,ताकि पूरे देश का समाज एक-दूसरे से प्रेरणा ले सके और भविष्य में यह आयोजन और अधिक व्यापक स्वरूप ग्रहण करे।

आइए, संकल्प लें—

 "एक संत – एक परिवार – एक समाज – एक श्रद्धांजलि।"

 676वाँ संजीवनी समाधि दिवस केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं,बल्कि समाज की एकता,आत्मीयता और संगठन शक्ति का राष्ट्रीय पर्व बने।

आप सभी की सहभागिता ही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता होगी।

प्रादेशिक

सम्पादकीय