शख्शियत समाज की,,,समाज के कैलाश जी श्रेष्ठी की साधना बनी चर्चा का विषय
Rajat Chipa (Jaipur) 04-06-2026 Regional
पुष्कर/राजस्थान(राधेश्याम धनोपिया)|नामदेव छीपा समाज के पुष्कर के वरिष्ठ समाज बंधु पुष्कर के पूर्व पार्षद श्री मान कैलाश जी श्रेष्ठी कठिन तपस्या कर रहे हैं।भोले नाथ के बड़े भक्त हे उन्होंने सेकडो भोले नाथ के धाम की यात्रा की हे ओर उत्तराखंड में भी पहाड़ों पर कई किलोमीटर दूर तक पेदल भोले नाथ के मन्दिर के दर्शन ओर साधना कर चुके हैं।
श्रेष्ठी जी जून 2026 में अपनी एक बेहद अनोखी और कठिन आध्यात्मिक साधना के कारण देश-दुनिया और सोशल मीडिया पर अचानक भारी चर्चा का विषय बन गए हैं।
मिट्टी में दबकर अनोखी साधना भू-समाधि जैसी साधना कैलाश श्रेष्ठी ने अपने घर के बगीचे में करीब सवा 6 फीट लंबा और डेढ़ फीट गहरा गड्ढा खोदा।मिट्टी में दफन होकर वे इस गड्ढे के अंदर लेट गए और उनके पूरे शरीर को मिट्टी से दबा दिया गया।डेढ़ घंटे तक ध्यान भयंकर गर्मी के बीच वे लगभग डेढ़ घंटे तक इसी अवस्था में पूरी तरह मिट्टी के अंदर दबे रहकर गहरे ध्यान (साधना) में लीन रहे।
इस कठिन और जोखिम भरी साधना को शुरू करने से पहले उन्होंने दो दिनों तक पूरी तरह निराहार रहकर उपवास किया था।
आमतौर पर ऐसी कठिन साधनाएं और हठयोग केवल नागा साधुओं या बड़े संतों से जुड़े होते हैं।इसलिए एक पूर्व राजनेता (पार्षद) द्वारा इस तरह का कदम उठाना पूरे पुष्कर क्षेत्र और इंटरनेट पर लोगों के चर्चा का मुख्य कारण बना हुआ है।

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